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न्यायिक (शिकायत) मामलों की सुनवाई 24 दिसंबर 2018 से 29 दिसंबर 2018 के बीच रेरा द्वारा नहीं की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए, कृपया वेबसाइट के परिपत्र / पत्र / आदेश अनुभाग पर जाएं । प्राधिकरण द्वारा कतिपय सेवाओं पर दिनांक 24/07/2018 से प्रक्रिया शुल्क अधिरोपित किया गया है। अधिक जानकारी हेतु वेबसाइट के सूचना पटल पर देखें | प्राधिकरण द्वारा त्रैमासिक विवरणों की फाइलिंग में विलम्ब पर विलम्ब शुल्क अधिरोपित किया गया है। अधिक जानकारी हेतु वेबसाइट के सूचना पटल पर रखें |
भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण

रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 भारत की संसद का एक अधिनियम है जो घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने के लिए और अचल संपत्ति उद्योग में अच्छे निवेश को बढ़ावा देने के लिए बना है। बिल राज्यसभा द्वारा 10 मार्च 2016 को और लोकसभा में 15 मार्च 2016 को पारित कर दिया गया था। 92 में से 69 अधिसूचित वर्गों के साथ 1 मई 2016 से ये अधिनियम अस्तित्व में आया। केंद्र और राज्य सरकारें छह महीने की वैधानिक अवधि के भीतर अधिनियम के अन्तर्गत नियम सूचित करने के लिए उत्तरदायी हैं। इस अधिनियम को बिल्डरों, प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों के खिलाफ शिकायतों में वृद्धि के अनुसार बनाया गया है। इन शिकायतों में मुख्य रूप से खरीदार के लिए घर कब्जे में देरी, समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद भी प्रमोटरों का गैरजिम्मेदाराना  व्यवहार और कई तरह की समस्याएं हैं। RERA एक सरकारी निकाय है जिसका एकमात्र उद्देश्य खरीदारों के हितों की रक्षा के साथ ही प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों के लिए एक पथ रखना है ताकि उन्हें बेहतर सेवाओं के साथ आगे आने का मौका मिले।

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दूरभाष - 0755–2556760, 2557955
कार्य दिवस में,
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